Monday, September 26, 2022
Homeराजस्थानराष्ट्रपति चुनाव में गहलोत के खेमे में लगी सेंध, 2 विधायकों ने...

राष्ट्रपति चुनाव में गहलोत के खेमे में लगी सेंध, 2 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

इंडिया न्यूज़, Presidential Election Result 2022: द्रोपदी मुर्मू भारत की 15वीं राष्ट्रपति बन गयी है। उन्हें NDA ने अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं इस राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी राजस्थान में सीएम गहलोत के खेमे में सेंधमारी करने में कामयाब रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेसी के दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। हालांकि अभी तक इन दो विधायकों के नाम सामने नहीं आए हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग करने के चलते बीजेपी से निकाली गई विधायक शोभारानी कुशवाह ने UPA उम्मीदवार को वोट दिया है।

यहां समझें वोटों का गणित

भारत की नई राष्ट्रपति बनी द्रौपदी मुर्मू को राजस्थान से 75 विधायकों के वोट मिले हैं। वहीं राष्ट्रपति चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे सिन्हा को राजस्थान से 123 विधायकों के वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और बीटीपी विधायक राजकुमार रोत ने वोट ​नहीं दिया। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि बीजेपी के पास 70 विधायक थे, हालांकि इससे पहले बीजेपी के पास 71 विधायक थे l

लेकिन राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग के कारण शोभारानी को पार्टी से निकाल दिया था। वहीं हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी ने भी राष्ट्रपति चुनावो में मुर्मू को वोट देने की घोषणा की थी। RLP के 3 विधायक मिलाकर मुर्मू को 73 वोट डलने थे। लेकिन उन्हें 73 वोट थे, जिससे साफ है कि उन्हें दो वोट कांग्रेस खेमे से मिले है। वहीं यूपीए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 125 वोट मिलने चाहिए, लेकिन केवल 123 ही मिले। इसका मतलब दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कि है। कांग्रेस के पास अपने खुद के 108 विधायक हैं।

वहीं13 निर्दलीय विधायक, सरकार में शामिल आरएलडी के एक विधायक, दो सीपीएम और दो बीटीपी विधायक भी कांग्रेस खेमे में हैं। जिसके बाद कांग्रेस खेमे की में विधायकों की संख्या 126 होती है, वहीं यदि शोभारानी कुशवाह के वोट को मिला लिया जाए तो यह संख्या 127 बनती है। वहीं दो विधायकों ने वोट नहीं दिया। तब भी कुल 125 वोट बनते थे।

राष्ट्रपति चुनावों में होती है सीक्रेट वोटिंग

जहां एक तरफ राज्यसभा चुनावों में पार्टी के पोलिंग एजेंट बने नेता को वोट दिखाना होता है। वहीं राष्ट्रपति चुनावो में ऐसा कुछ नहीं होता। राष्ट्रपति चुनावों में सीक्रेट वोटिंग होती है, किसने किसको वोट डाला, यह गोपनीय रहता है। इसलिए यह नहीं पता चल सकता कि कौन से विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है। हालांकि रिजल्ट में राज्यवार मिले विधायकों और सासंदों से यह पता चल जाता है कि क्रॉस वोटिंग हुई है।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान में पैर पसार रहा कोरोना, पिछले 24 घंटे में सामने आए 250 नए मामले

Connect With Us : Twitter, Facebook

SHARE
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular